वसीयत क्या होती है? -


वसीयत क्या होती है? What is the Vasiyat?



 वसीयत वसीयत यानी की वैल्यू क्या होती है इसे कब बनाना चाहिए और कौन बना सकता है तो आज हम बात करेंगे करते है



 वैसे तो हर किसी को अपने जीवन काल में वसीयत जरूर बनाने चाहिए और अपनी मृत्यु से पहले कोई भी मनुष्य की वसीयत बनाता है या नहीं बनाता और यह जरूरी नहीं कि हर कोई मरने से पहले वसीयत को बनाए हैं अगर किसी ने अपनी वसीयत बनाई है तो उसकी प्रॉपर्टी का बंटवारा उसकी इच्छा के अनुसार होता है और जैसे उसने वसीयत की होती है उसकी संपत्ति से सबको उतना ही प्राप्त होता है


 और अगर वह हिंदू महिला या पुरुष है तो उसकी संपत्ति का बंटवारा हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम के तहत बांटा जाएगा संपत्ति के बंटवारे के लिए अलग कानून बनाए गए हैं और उसकी संपत्ति का बंटवारा भी उसकी इच्छा के अनुसार हो जाता है


 और वसीयत लिखने का सबसे बड़ा फायदा तो यह होता है कि आप अपनी वसीयत को एक बार से लेकर कई बार तक उस में फेरबदल कर सकते हैं और जितनी मर्जी चाहे उसको वसीयत बना सकते हैं वसीयत पर बात करता है जो बिल्कुल डिफाइन करता है वसीयत करने वाला व्यक्ति यह बताता है कि उसकी मृत्यु के बाद उसकी चल अचल संपत्ति का बंटवारा कैसे होगा और उसका बारिश कौन होगा


 अब सवाल यह उठता है कि आप किन-किन चीजों की वसीयत कर सकते हैं आप खुद की कमाई हुई संपत्ति जिसमें आपका घर खेत मकान दुकान घरेलू सामान जिसमें फर्नीचर बैंक में कैशियर शेयर और खुशी मिली हुई संपत्ति जो कि आपके नाम है ऐसी चीजों की सकते हैं 


हर समुदाय के लोगों पर भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम 1925 अप्लाई होता है अब बात करते हैं कि वसीयत कौन बना सकता है जो व्यक्ति स्वस्थ दिमाग का हो जिसके मानसिक स्थिति बिल्कुल ठीक हो वह वसीयत बना सकता है 18 साल और उसकी हो ऐसा व्यक्ति बना सकता है की आवश्यकता नहीं होती है


 ऐसा भी जरूरी नहीं कि यह कानूनी भाषा में लिखा जाए यह आप समझ सकते हैं कि पीड़ित है परंतु उसकी हालत बिल्कुल स्वस्थ है पलटी है उसके नाम कोई प्रॉपर्टी है वह भी वसीयत करा सकती है ऐसा कोई व्यक्ति जोकि हैंडीकैप है हाथ पैर आंख नाक कान हर एक चीज से वह हैंडीकैप है मगर उसकी दिमागी हालत बिल्कुल ठीक है वह सोचने समझने की शक्ति रखता है अच्छा बुरा समझता है ऐसा व्यक्ति भी वसीयत कर सकता है यह तो बात हुई कि वसीयत कौन बना सकता है 


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